Deepfake क्या है और कैसे काम करता है?

Deepfake एक तकनीक है जिसका उपयोग वीडियो, ऑडियो और तस्वीरों में बदलाव करने के लिए किया जाता है। यह तकनीक इतनी प्रभावी है कि इसके द्वारा किसी के चेहरे को दूसरे के चेहरे से बदला जा सकता है। इससे एक ऐसा लगता है जैसे वह व्यक्ति कुछ ऐसा कह रहा है या कर रहा है जो उसने कभी नहीं किया है।

भारत की सरकार Deepfake को लेकर काफी सख्त नियम बना रही है । यह एक खतरनाक तकनीक है और इससे सभी को दूर रहना चाहिए ।

Deepfake कैसे काम करता है?

Deepfake वीडियो बनाने के लिए दो अलग-अलग AI मॉडल का उपयोग किया जाता है। पहला मॉडल एक व्यक्ति के चेहरे को शिक्षित करता है और दूसरा मॉडल उसे किसी अन्य व्यक्ति के चेहरे में बदलने के लिए शिक्षित करता है। इसके बाद, एक वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है जिसमें व्यक्ति बोलता या काम करता है। फिर, पहले मॉडल का उपयोग करके उस व्यक्ति के चेहरे को दूसरे व्यक्ति के चेहरे में बदला जाता है। अंत में, वीडियो को संपादित किया जाता है ताकि ऐसा लगे कि पहला व्यक्ति कुछ ऐसा कह रहा है या कर रहा है जो वह कभी नहीं किया।

Deepfake क्या है और कैसे काम करता है?

Deepfake का उपयोग कैसे किया जाता है?

Deepfake का उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है। इनमें शामिल हैं:

  • लोगों को बदनाम करना: Deepfake द्वारा लोगों को ऐसा दिखाया जा सकता है जैसे वे कुछ अनुचित कह रहे हों या कुछ गलत कर रहे हों, जो वास्तविकता में नहीं हुआ हो। इससे दूसरों को ग़ैरकानूनी तरीके से प्रभावित किया जा सकता है।
  • फर्जी सूचना प्रसारित करना: Deepfake द्वारा फर्जी समाचार और ग़ैरसत्यापित जानकारी प्रसारित की जा सकती है। उदाहरण के लिए, deepfake वीडियो के माध्यम से किसी राजनेता के तथ्यों को दुरुपयोग किया जा सकता है।
  • चुनावों पर प्रभाव डालना: Deepfake का उपयोग चुनावों में प्रभाव डालने के लिए भी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, deepfake वीडियो के माध्यम से किसी उम्मीदवार के ख़िलाफ़ झूठा आरोप लगाया जा सकता है।

Deepfake से कैसे बचा जा सकता है?

Deepfake तकनीक के खिलाफ बचाव के लिए कुछ मार्गदर्शक कदम निम्नलिखित हैं:

  • विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें: विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें, जैसे प्रसिद्ध समाचार पोर्टल और सरकारी वेबसाइटें।
  • वीडियो और ऑडियो क्लिप पर संदेह करें: अगर कोई वीडियो या ऑडियो क्लिप आपको संदेहजनक लगे, तो आपको उनकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। आप online टूल का उपयोग करके deepfake वीडियो की पहचान कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन पर्सनल इंफ़ो पर सतर्क रहें: अपने सोशल मीडिया खातों पर सतर्क रहें और केवल वे वीडियो और ऑडियो क्लिप साझा करें जिन पर आप पूर्ण विश्वास रखते हैं।

ध्यान दें कि Deepfake एक खतरनाक तकनीक है जो इंटरनेट पर उपयोग होती है। हमें इस तकनीक के बारे में जागरूक रहने और इससे बचने के लिए उचित उपाय अपनाने की ज़रूरत है।

  • Deepfake तकनीक की विकास वर्ष 2017 में हुआ।
  • Deepfake वीडियो की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए AI मॉडल सुधारे जा रहे हैं।
  • ऑनलाइन उपलब्ध कई टूल deepfake वीडियो की पहचान करने के लिए उपयोग हो सकते हैं।

उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लेख में सहायता करेगी।


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