सनातन धर्म कितना पुराना है?

सनातन धर्म, जिसे हिंदू धर्म के नाम से भी जाना जाता है, दुनिया के सबसे पुराने धर्मों में से एक है। इसकी उत्पत्ति की सटीक तिथि अज्ञात है, लेकिन विद्वानों का मानना ​​है कि यह कम से कम 5,000 वर्ष पुराना है। आज के आर्टिकल मे हम इस बात पर चर्चा करने की कोशिश करेंगे की सनातन धर्म कितना पुराना है । ध्यान दें की इस आर्टिकल मे किसी भी प्रकार से किसी धर्म को ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं की गई है । एक हिन्दू होने के नाते मैंने अपने धर्म को लेकर सही जानकारी देने की कोशिश की है ।

सही माना जाए तो समय के शुरुआत से ही सनातन धर्म मौजूद है । विश्व के निर्माण के वक्त से ही सनातन धर्म मौजूद है ऐसा मेरा मानना है ।

किन्तु यहाँ मैं इस इतिहास के हिसाब से सनातन धर्म की उत्पत्ति के बारे मे सोचने की कोशिश करूंगा ।

सनातन धर्म की उत्पत्ति:

सनातन धर्म की उत्पत्ति के बारे में कई सिद्धांत हैं। एक सिद्धांत यह है कि यह सिंधु घाटी सभ्यता से उत्पन्न हुआ था, जो लगभग 5,000 साल पहले मौजूद थी। इस सिद्धांत के समर्थन में, विद्वानों ने सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों पर हिंदू धर्म के प्रतीक और प्रतीकों को पाया है।

एक अन्य सिद्धांत यह है कि सनातन धर्म वैदिक काल से उत्पन्न हुआ था, जो लगभग 3,000 साल पहले शुरू हुआ था। वैदिक काल में, हिंदू धर्म के चार प्रमुख ग्रंथों, वेदों की रचना की गई थी। ये ग्रंथ हिंदू धर्म के सिद्धांतों और प्रथाओं का आधार हैं।

सनातन धर्म की उत्पत्ति के बारे में कोई भी एक सिद्धांत अंतिम नहीं है। यह संभावना है कि सनातन धर्म कई स्रोतों से विकसित हुआ है।

सनातन धर्म की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं:

विशेषताविवरण
बहुदेववादसनातन धर्म एक बहुदेववादी धर्म है, जिसमें कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म के प्रमुख देवता हैं ब्रह्मा, विष्णु और शिव।
आत्म-साक्षात्कारसनातन धर्म एक आत्म-साक्षात्कार का धर्म है, जो व्यक्ति को अपने वास्तविक स्वरूप को जानने पर जोर देता है। आत्म-साक्षात्कार को मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग माना जाता है।
नैतिकता और सदाचारसनातन धर्म एक धर्म है जो नैतिकता और सदाचार पर जोर देता है। हिंदू धर्म में कई नैतिक सिद्धांत और आदर्श हैं, जिन्हें “धर्म” कहा जाता है।
शांति और सहिष्णुतासनातन धर्म एक धर्म है जो शांति और सहिष्णुता का प्रचार करता है। हिंदू धर्म में सभी धर्मों और विश्वासों के लोगों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा दिया जाता है।

सनातन धर्म का इतिहास:

सनातन धर्म का इतिहास बहुत लंबा और समृद्ध है। यह धर्म कई उतार-चढ़ावों से गुजरा है, लेकिन यह हमेशा जीवित और जीवंत रहा है।

सनातन धर्म का इतिहास निम्नलिखित कालखंडों में विभाजित किया जा सकता है:

कालखंडतिथिप्रमुख घटनाएं
वैदिक काल3,000-600 ईसा पूर्ववेदों की रचना, हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों और प्रथाओं का विकास
उपनिषद काल600-200 ईसा पूर्वउपनिषदों की रचना, हिंदू धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों का विकास
महाभारत काल200 ईसा पूर्व-200 ईस्वीमहाभारत और रामायण जैसे महाकाव्यों की रचना, हिंदू धर्म के लोकप्रिय धर्मशास्त्रों का विकास
गुप्त काल320-647 ईस्वीहिंदू धर्म का स्वर्ण युग, कई हिंदू मंदिरों और मठों का निर्माण
मध्यकाल647-1600 ईस्वीहिंदू धर्म को मुस्लिम आक्रमणों का सामना करना पड़ा
आधुनिक काल1600-वर्तमानहिंदू धर्म पुनरुत्थान का अनुभव कर रहा है

सनातन धर्म का वर्तमान:

सनातन धर्म आज भी दुनिया के सबसे लोकप्रिय धर्मों में से एक है। यह धर्म भारत में सबसे बड़े धर्म के रूप में बना हुआ है, और इसे दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी प्रचलन है।

सनातन धर्म एक जीवित और जीवंत धर्म है जो लगातार विकसित हो रहा है। यह धर्म अपने अनुयायियों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन, नैतिकता और सदाचार प्रदान करता है।


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